#Hindi Quote
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ख़ुशी, शांति और प्रेम–ये कोई आध्यात्मिक लक्ष्य नहीं हैं। यह सब तो समझदारीपूर्वक जीने की शुरुआत है।
उदास कर जाती है मुझे हर रोज ये शाम, ऐसा लगता है जैसे कोई भुला रहा है धीरे धीरे
सभी के लिए सफलता के मायने अलग-अलग है ।
हालातो ने खो दी इस चहेरे की मुस्कान, वरना जहां बैठते थे रौनक ला दिया करते थे
दर्द की दवा न हो तो दर्द को ही दवा समझ
झुकने से रिश्ता गहरा हो तो झुक जाओ, पर हर बार आपको ही झुकना पड़े तो रुक
जवाब सुनकर वह भी रोने लगा कहीं ना कहीं मेरे दर्द में खोने लगा
दर्द, गम, डर जो भी है बस तेरे अंदर हैं, खुद के बनाये पिंजरे से निकल कर देख, तू भी एक सिकंदर हैं!
निकाल दिया उसने अपनी जिंदगी से भीगे कागज़ की तरह, ना लिखने के काबिल छोड़ा ना जलने के
पीठ हमेशा मजबूत रखनी चाहिए, क्योंकि शाबाशी और धोखा दोनों पीठ के पीछे ही मिलते है.