#Hindi Quote
More Quotes
जब ‘दर्द’ और ‘कड़वी’ बोली दोनों मीठी लगने लगे तब समझ लीजिये कि जीना आ गया
दर्द कम नहीं हुआ है मेरा ! बस सहने की आदत हो गयी है !!
दर्द में हूँ देदे अपनी बाँहों की सुकून वाली रात तू है मेरी मोहब्बत मेरी सुकून आस.
उदास करती है मुझे हर रोज़ ये शाम, ऐसा लगता है जैसे कोई भुला रहा है धीरे-धीरे…!!
मुझे दोस्ती करनी हैं इस वक़्त के साथ
कहा मिलेगा तुम्हे मुझ जैसा कोई, जो तुम्हारे सितम भी सहे, और तुमसे मोहब्बत भी करे!
कोई सबूत नहीं होता है मोहब्बत का सामने नाम लेने पर धड़कने बढ़ जाए तो समझो मोहब्बत बेइंतेहा है !
दोस्ती मोहब्बत का फूल है संभाल कर रखना, टूटे ना दिल किसी का बस इतना ख्याल रखना!
दर्द की दवा न हो तो दर्द को ही दवा समझ
सूरज और चांद की ख्वाहिश नहीं मुझे, जहां दिल को सुकून मिले वहीं मेरे खुदा का दर है।