#Hindi Quote
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इससे ज्यादा इश्क का सबूत और क्या दूं साहब मैंने उसके जिस्म को नहीं उसकी रूह को चुना है
उसने रुलाया है, वही हँसाएगा
बात जो भी हो सामने बया होती है ए दोस्त इश्क़ में चालाकियाँ कहाँ होती है
मैं बिन फेरों के भी रिश्ता निभाऊंगा बश तुम मेरा हाथ थामें रखना
मैं इश्क लिखूं और उसे हो जाए काश मेरी शायरी में कोई ऐसे खो जाए
अब ऐसे नफरत जताते हो
तुम बस काबिल हो बस मेरी नफरत के।
प्यार में अगर किसी के लिए रोना आए तो समझ लेना प्यार सच्चा है
मगर लोग मोहब्बत का सुबूत ज़रूर मांगते है।
तुम से जो मोहबत थी ना,