#Hindi Quote
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चार युगों में सिमटी श्रृष्टि, चार पहर का सन्नाटा है बहन तुम्हारे कदमों में बैठ, मन मेरा निश्चल हो जाता है-मयंक विश्नोई
बहन उन्हीं के हिस्से आती है, जिनके होते हैं कर्म महान सभ्यताओं का संरक्षण करती, नारी ही करती है कल्याण
जो समस्याएं तुम्हें सताने लगे, कोई तुम पर उंगली उठाने लगे डरना नहीं-घबराना नहीं, बहन एक बार बढ़े क़दम को पीछे हटाना नहीं-मयंक विश्नोई
बहना दूर होकर तुमसे, काल के कुचक्र में फंसकर मजबूर हूँ हर संकट का डटकर सामना करूंगा क्योंकि मैं तुम्हारा कोहिनूर हूँ-मयंक विश्नोई
तेरे साहस को सलाम बहन, तेरे जज़्बातों में जान है तेरे आँचल में पलने वाला, तेरे तप से बना महान है-मयंक विश्नोई
सुन बहन आँखों की चमक कभी कम मत होने देना जो होता हो हो जाए, तू हंसती आँखों को मत रोने देना
आकाश में जितने भी तारे हैं या कि वह प्रतिबिंब हमारे हैं बगिया है जैसे बहना की तरह, जिसने फूल दिए कई सारे हैं।
तू लड़ती है-झगड़ती है, सुन बहना मेरी रक्षा भी तू ही करती है ये पीड़ाएं मुझे छूं न पाए, क्यों इस चिंता से तू इतना डरती है
मेरी बहन ही है जो हर दिन मेरा हाल पूछती है। वह मेरे सवालों पर हंसता है और सुबह-शाम मेरी चिंता करता है।
पाँच तत्व के इस पुतले ने तुझसे पाया जीने का मकसद मेरी बहन तेरे होने से ही, भाई तेरा खुशहाल है अब तक-मयंक विश्नोई