#Hindi Quote
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चार युगों में सिमटी श्रृष्टि, चार पहर का सन्नाटा है बहन तुम्हारे कदमों में बैठ, मन मेरा निश्चल हो जाता है-मयंक विश्नोई
बहन उन्हीं के हिस्से आती है, जिनके होते हैं कर्म महान सभ्यताओं का संरक्षण करती, नारी ही करती है कल्याण
स्वयं के प्रति संतोष दूसरे के प्रति दया, इन्हीं दो पंखों से जीवन के आकाश को छु सकते
आप इन्हीं दो पंखों से जीवन के आकाश में ऊँचा उड़ सकते हैं।
तेरे साहस को सलाम बहन, तेरे जज़्बातों में जान है तेरे आँचल में पलने वाला, तेरे तप से बना महान है-मयंक विश्नोई
जो समस्याएं तुम्हें सताने लगे, कोई तुम पर उंगली उठाने लगे डरना नहीं-घबराना नहीं, बहन एक बार बढ़े क़दम को पीछे हटाना नहीं-मयंक विश्नोई
तेरे बिना मैं क्या हूँ केवल शून्य से बढ़कर, तेरे साहस में मैं हूँ, बहना अनंत से बढ़कर
बसंत की बहार लिए तूं एक अलग किस्म की फुलकारी है बहन मेरी किस्मत है अच्छी, जो तुझसे मेरी यारी है-मयंक विश्नोई
शर्म नहीं तू गर्व हैं बहना, मेरी कलम का लिखा तू हर्फ़ है बहना तेरी नीयत मेरी पहचान है बहना, तू मेरी इकलौती शान है बहना
आकाश में जितने भी तारे हैं या कि वह प्रतिबिंब हमारे हैं बगिया है जैसे बहना की तरह, जिसने फूल दिए कई सारे हैं।