#Quote

ये कहाँ की दोस्ती है कि बने हैं दोस्त नासेह कोई चारासाज़ होता कोई ग़म-गुसार

Facebook
Twitter
More Quotes
मत कर इतना गुमान अपने आप पर की कोई साथ रोने वाला भी ना मिले ।
ऐ दोस्त तुझ को रहम न आए तो क्या करूँ दुश्मन भी मेरे हाल पे अब आब-दीदा
दोस्ती ख़्वाब है और ख़्वाब की ता’बीर भी है रिश्ता-ए-इश्क़ भी है याद की ज़ंजीर भी
इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने धीरे चलते हैं ज़रूरी ये है की आप रुके नहीं।
जब तक आप खुद हार नहीं मानते, कोई भी आपको हरा नहीं सकता।
भूल शायद बहुत बड़ी कर ली दिल ने दुनिया से दोस्ती कर
आँसुओ का कोई वज़न नहीं होता, लेकिन निकल जाने पर मन हल्का हो जाता है
ये कहाँ की दोस्ती है कि बने हैं दोस्त नासेह कोई चारासाज़ होता कोई ग़म-गुसार होता
यदि काम नही कर रहा, तो कोई बात नही 25 और Letters बचे हैं उन पर Try करों.
मुझे दोस्त कहने वाले ज़रा दोस्ती निभा दे ये मुतालबा है हक़ का कोई इल्तिजा नहीं