#Quote

अँधेरे में परछाईं भी अपना साथ छोड़ देती है।

Facebook
Twitter
More Quotes
मूर्ख दूसरों पर हँसते हैं, बुद्धिमान ख़ुद पर।
हर अंधेरा एक उजाले का पैगाम देता है, जिंदगी उसकी हसीं जो उगते सूरज को सलाम देता है।
मेरा परिवार मेरी ताकत और मेरी कमज़ोरी है।
ज़िंदगी लंबी नहीं बड़ी होनी चाहिए।
सच्ची बुद्धिमानी तब हममे से प्रत्येक व्यक्ति के पास आती है, जब हम यह जान जाते हैं कि हम जीवन के बारे में, अपने बारे में और अपने चारों ओर के संसार के बारे में कितना कम समझते हैं। – सुकरात
ज़िंदगी” की “तपिश” को “सहन” किजिए “जनाब”, अक्सर वे “पौधे” “मुरझा” जाते हैं, जिनकी “परवरिश” “छाया” में होती हैं।
किसी को इतना भी मत डराओ कि डर ही ख़त्म हो जाये।
इंतज़ार करने वालों को सिर्फ़ उतना ही मिलता है जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं।
उसकी छाया में चलकर, उसका ही साया बनना है खुशियों की खातिर उसकी पीड़ाओं से भी लड़ना है कैसे न हो गर्व मुझे, उसका भाई होने पर जो मुझ जुगनू को रोशन करती, वो बस मेरी बहना है
जब जागो तब सवेरा।