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घर की बाते जब , मोहल्ले में पहुंच जाएंगी तो जमे जमाए घर की नीव तो हिलेगी ही।

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जब इंसान अन्दर से टूटता है तो बहार से खामोश हो जाता है।
कोई सहकर भी खुश रहता है , और कोई कहकर भी दुखी ही रहता है।
परिवार के साथ घर जाकर अच्छा खाना खाने और आराम करने से अच्छा और कुछ नहीं है।
खुद पर विश्वास , किसी और से ज़्यादा आपका खुदका होना चाहिए।
अगर सुबहे आपकी उदास रहेंगी , तो शामे फिर किस आस में रहेंगी।
घर में जब कोई आपके साथ नहीं होता, भाई तब भी आपके साथ खड़ा होता हैं।
मोहब्बत का दर्द तब होता है, जब तू दूर है और मेरी रातें लम्बी होती है!
जब से वो छोड़ गया है, ज़िंदगी बेमतलब सी हो गई है.
तुम्हारे मन में ही अँधेरा है , इसलिए उजाला सामने होते हुए भी नज़र नहीं आएगा।
जब प्यार आता है, तो सारी चिंताएं दूर हो जाती हैं। प्रेम का अनुभव पा लेना जैसे सबसे बड़ी चुनौती को पार कर लेना।