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यूँ जमीन पर बैठकर क्यूँ आसमान देखता है पँखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है

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जो मुझे रोज़ देखता है उसकी ईनायत देखनी है खुदा के पास पहुंच अपनी हैसियत कहनी है।
मैं शुक्रगुजार हूं उन तमाम लोगों का जिन्होंने बुरे वक्त में मेरा साथ छोड़ दिया क्योंकि उन्हें भरोसा था कि मैं मुसिबतों से अकेले हि निपट सकता हूं।
पिता के बिना जिंदगी वीरान है, सफर तन्हा और राह सुनसान है, वही मेरी जमीं वही आसमान हैं, वही खुदा, वही मेरा भगवान हैं। हैप्पी फादर्स डे
आसमान की ऊंचाइयों को छूने का सपना देखो, क्योंकि सपने देखना ही सफलता की पहली सीढ़ी है।
वो छोटी छोटी उड़ानों पर गुरुर नहीं करता, जो परिंदा अपने लिए आसमान ढूंढता है..!!!
हज़ारों उलझनें राहों में और कोशिशें बेहिसाब, इसी का नाम है ज़िंदगी चलते रहिए जनाब- गुलज़ार
मुसाफ़िर कल भी था मुसाफ़िर आज भी हूँ,कल अपनों की तलाश में था आज अपनी तलाश मैं हूँ!
अगर दुसरों को दुखी देखकर तुम्हे भी दुःख होता है तो, समझ लो की उपर वाले ने तुम्हे इंसान बनाकर कोई गलती नहीं की है
जीवन का सबसे बड़ा गुरू वक्त होता है क्योंकी जो वक्त सिखाता है वो कोई नहीं सिखा पाता
वह व्यक्ति कुछ नहीं पा सकता जिसने उम्मीद खो दी है….