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ज़िन्दगी एक ढलती शाम की तरह है, जिसमें कहीं उथल-पुथल है, तो कहीं थोड़ा आराम भी

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बहुत जी लिया मैंने ज़िन्दगी को और सीखा है कि सबको खुश देखने में ही खुद की भलाई है।
जितना_मैंने सोचा था ज़िन्दगी उससे कहीं_छोटी है !
ज़िंदगी में यदि खुश रहना है तो हक़ीक़त को अपनाना सीखों।
ज़िन्दगी पल-पल ढलती है, जैसे रेत मुठ्ठी से फिसलती है कुछ खोकर पछताना क्यों, ज़िंदगी जैसी भी है बस एक ही बार मिलती है
कदर वो है जिसकी मौजूदगी में आप पनपते हैं, बाद में होने वाले को ज़िंदगी में पछतावा कहा जाता है।
हर फैसला मेरा बेहतर था सिवाए ज़िन्दगी में तेरे आने के।
संघर्ष इंसान को मजबूत बनाता है ,फिर पहले वो चाहे वह कितना भी कमजोर क्यों न रहा हो।
एक तुम जो मुस्कुराते हो तो, ज़िन्दगी, ज़िन्दगी सी लगती है
दिल में तेरी चाहत लबो पे तेरा नाम है, तू मोहब्बत कर या ना कर, मेरी ज़िन्दगी “तेरे नाम” है.
परेशानियां किसके सामने नहीं हैं यदि जीवन में परेशानियां हैं तो इसका मतलब यह तो नहीं कि खुश रहना ही बंद कर दिया जाए ।