#Quote

न जाने किस कॉलेज से ली थी मोहब्बत की डिग्री उसने ! जितने भी मुझसे वादे किये थे सब फ़र्ज़ी निकले !!

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तुम्हें देखा तो मोहब्बत भी समझ आई, वरना इस लफ्ज़ की तारीफ सिर्फ ही सुना करता था मैं !
दर्द की दास्तानें भी होती हैं सुनहरी, क्योंकि उनमें हमारी मोहब्बत की ख़ुशबू छिपी होती है!
हुस्न वाले जब तोड़ते हैं दिल किसी का ! बड़ी मासूमियत से कहते हैं मजबूर थे हम !!
मगर लोग मोहब्बत का सुबूत ज़रूर मांगते है।
दर्द में हूँ देदे अपनी बाँहों की सुकून वाली रात तू है मेरी मोहब्बत मेरी सुकून आस.
यूँ सिमट गया मेरा प्यार चंद अल्फाज़ो में ! जब उसने कहा मोहब्बत तो है पर तुमसे नहीं.
आज तन्हा हुए तो अहसास हुआ ! कई घण्टे होते है एक दिन में !!
मेरी गलती मुझसे कहो दूसरों से नहीं क्योंकि सुधारना मुझे है उनको नहीं
मेरी जान मेरी दुआ है मुझे हर जन्म में तुमसे ही मोहब्बत हो..
जिन्हें नींद नहीं आती उन्हें को मालूम है सुबह आने में कितने ज़माने लगते हैं