#Quote

हजारों मुकम्मल ख्वाबों के बीच, तेरा ना मिलना खलता बहुत है..!!!

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हज़ारों उलझनें राहों में और कोशिशें बेहिसाब, इसी का नाम है ज़िंदगी चलते रहिए जनाब- गुलज़ार
मैने दिल के दरवाजे पर लिखा था अंदर आना मना है, इश्क मुस्कुराता हुआ बोला माफ करना मैं अंधा हु..!!!
जिंदगी की राहों में छुपा है ख़्वाबों का सफर, उड़ान भरना चाहिए हर अदब के साथ।
वो छोटी छोटी उड़ानों पर गुरुर नहीं करता, जो परिंदा अपने लिए आसमान ढूंढता है..!!!
नई जिंदगी शुरू करने के लिए हमेशा पन्ने पलटना काफ़ी नहीं होता, कभी कभी किताब भी बदलनी पड़ती है…!!!
मैं चाहूं तो आज ही तुम्हे मना लू, मगर तुम वो रहे ही नही जिसकी मुझे तलब थी.!!!
मैं बेचैन सा लगता हूं वो राहत जैसी लगती हैं मैं खो जाता हूं ख्वाबों में वो भीतर मेरे जगती हैं !
मिला वो मुझे हर जगह, मिला ना हाथो की लकीरों में..!!!
संभल कर चल नादान ये इंसानों की बस्ती है, ये खुदा को भी आजमा लेते है, फिर तेरी क्या हस्ती है..!!!
मुस्कुराते हुए इंसान को कभी जब देखना, हो सकता है रूमाल गिला मिले