#Quote

जिंदगी की उलझनों ने मेरी शरारतें कम कर दीं और लोग समझते है कि मैं समझदार हो गया।

Facebook
Twitter
More Quotes
आदमी को खुद को वैसा बनाने को कहा जाता है जैसा कि उसे अपनी किस्मत को पूरा करने के लिए होने की कल्पना की जाती है - पॉल टिलिच
इंसान अपनी कमाई के हिसाब से नहीं, अपनी ज़रूरत के हिसाब से गरीब होता है।
लोग वही कहने जा रहे हैं जो वे कहना चाहते हैं और वही सोचते हैं जो वो सोचना चाहते हैं, और मैं उनका विचार नहीं बदल सकता।
ठुकरा दिया जिन्होंने मुझे मेरे वक्त को लेकर ऐसा वक्त लाऊंगा की मिलेंगे मुझसे वो लोग थोड़ा वक्त लेकर।
यू तो हजारों लोग मिल जायेगे लेकिन हाथ पकड़कर चलना सिखाने वाला भाई, बिना नसीब नही मिलता.
अक्सर लोग आलसी नहीं होते बल्कि उनके लक्ष्य कमजोर होते हैं…
लोगों की समझ के हिसाब से जिंदगी जिएंगे, तो उलझ जाएंगे, अपने हिसाब से जिएंगे तो सुलझ जाएंगे।
हर चीज की कीमत इंसान को दो परिस्थितियों में समझ आती है, उस चीज को पाने से पहले और उस चीज को खोने के बाद इसलिए जो आपके पास है उसकी कद्र करें।
यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट और खुश हो तो आप दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हो।
पर यह जिंदगी है, जो अपनी स्पीड को तेज बरकरार रखती है।