#Hindi Quote

रोज रोज गिरकर भी मुकम्मल खड़ा हूँ, ए मुश्किलों देखो मैं तुमसे कितना बड़ा हूँ

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कोई भी लक्ष्य मनुष्य ने साहस से बड़ा नहीं, हरा वही है बस, जो लड़ा नहीं।
जो रातों को कोशिशों में गंवा देते हैं, वहीं सपनों की चिंगारी को और हवा देते है।
अगर तू चलने के लिए तैयार हो तो, मंजिल तुम्हारे सामने झुकने के लिए तैयार हो जायेगी
मुश्किलों में कोई साथ न दे तो मायूस न होना इस जिंदगी में खुद से बढ़कर कोई हमराही नहीं !
जिस जिस पर यह जग हंसा है, उसी ने इतिहास रचा है।
रुकावटें आती है सफलता की राहों में, ये कौन नहीं जानता फिर भी वह मंज़िल पा ही लेता है, जो हार नहीं मानता।
बस यही दो मसले जिंदगी के हल ना हुए, ना नींद पूरी हुई ना ख्वाब मुकम्मल हुए..!!!
यही जज्बा रहा तो मुश्किलों का हल भी निकलेगा, जमीं बंजर हुई तो क्या वहीं से जल भी निकलेगा, ना हो मायूस ना घबरा अंधेरों से मेरे साथी, इन्हीं रातों के दामन से सुनहरा कल भी निकलेगा
घायल तो यहां हर परिंदा है। मगर जो फिर से उड़ सका वहीं जिंदा है।
विफलता के बारे में चिंता मत करो,आपको बस एक बार ही सही होना हैं.