#Hindi Quote
More Quotes
ज़िन्दगी एक ढलती शाम की तरह है, जिसमें कहीं उथल-पुथल है, तो कहीं थोड़ा आराम भी
ज़िन्दगी में अगर गुलाब की तरह खिलना है तो कांटों से तालमेल की कला को सीखना ही होगा
खुद पर विश्वास रखो, दुनिया भी तुम पर विश्वास करेगी।
यह मेरी ज़िन्दगी है, बिन्दास जी रहा हूँ, जलने वालों को और जला रहा हूँ।
ज़रा संभाल कर रखा कीजिए अपने ज़ख्मों को, आज कल लोग मरहम और महरूम में फ़र्क़ नहीं करते
एक तुम जो मुस्कुराते हो तो, ज़िन्दगी, ज़िन्दगी सी लगती है
सपनों का पीछा करो, उन्हें सच करने का साहस रखो।
ज़िन्दगी जीना है तो पीछे मुड़कर मत देखना।
किसी भी कार्य करने के लिए तुरन्त उठो, जागो और तब तक नहीं रुकना जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए।– स्वामी विवेकानंद
ज़िन्दगी में एक हसी वो होती है जो इंसान अपने ग़म को छुपाने के लिए खुद सीखता है