#Hindi Quote

मुसाफ़िर कल भी था मुसाफ़िर आज भी हूँ,कल अपनों की तलाश में था आज अपनी तलाश मैं हूँ!

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ताश का जोकर, और अपनों की ठोकर, अक्सर वाजी पलट देते है।
समय अनुभव तो देता है, मगर मासूमियत छिन लेता है
आज तन्हा हुए तो अहसास हुआ ! कई घण्टे होते है एक दिन में !!
आज टुटा एक तारा देखा, बिल्कुल मेरे जैसा था, चाँद को कोई फर्क नहीं पड़ा, बिल्कुल तेरे जैसा था.
मैं शुक्रगुजार हूं उन तमाम लोगों का जिन्होंने बुरे वक्त में मेरा साथ छोड़ दिया क्योंकि उन्हें भरोसा था कि मैं मुसिबतों से अकेले हि निपट सकता हूं।
यूँ जमीन पर बैठकर क्यूँ आसमान देखता है पँखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है
हर सुबह उठो और खुद से कहो, आज का दिन मेरा दिन है।
हमें तो अपनों ने लूटा गैरों में कहाँ दम था मेरी किश्ती थी डूबी वहां
मुसाफिर बना घूमता रहता हूँ I अपने आप की तलाश में I
अगर एक हारा हुआ इंसान हारने के बाद भी मुस्कूरा दें तो जितने वाला भी जीत की खुशी खो देता है।