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अपार आशाओं का खेल था सारा, मैंने इस खेल को समझा और देखते ही देखते जीत मेरी ही हुई

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सपने वो नहीं होते जो हम सोते वक्त देखते हैं, सपने वो होते हैं जो हमें सोने नहीं देते।
कई रातें जागी हैं, आज के महान सवेरे के लिए जहां निज प्रयासों को मैं सफल होते देख पा रहा हूं
अपार आशाओं का खेल था सारा, मैंने इस खेल को समझा और देखते ही देखते जीत मेरी ही हुई ।
मेरी जिंदगी एक बंद किताब है, जिसे आज तक किसी ने खोला नहीं, जिसने खोला उसने पढा नही, जिसने पढा उसने समझा नही
समाज के एक धड़े ने मुझे रोकने के अनेको प्रयास किए, हकीकत तो ये है कि समाज ने ही मुझे आज सफल बनाया है
सपने वो नहीं जो हम सोते वक्त देखते हैं, सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते
अपार आशाओं का खेल था सारा, मैंने इस खेल को समझा और देखते ही देखते जीत मेरी ही हुई।
अगर आपने सफर शुरू कर ही दिया है तो बीच रास्ते से लौटने का कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि वापस आने में जितनी दूरी तय होगी क्या पता मंजिल उससे भी पास हो
चेहरे तो समय के साथ सब बदल लेते है, लेकिन हालतों को बदलने वाला ही, हालातों की बात करता है
महानता वह नहीं होती कि आप गिर गए और उठे ही ना महानता उसे कहते हैं जवाब गिरकर बार-बार उठते हैं