#Hindi Quote
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जब ‘दर्द’ और ‘कड़वी’ बोली दोनों मीठी लगने लगे तब समझ लीजिये कि जीना आ गया
अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो, तो पहले सूरज की तरह जलना सीखो।
पुत्र कुपुत्र हो सकता है लेकिन माता कभी कुमाता नहीं हो सकती।
विपत्ति से बढ़कर अनुभव सिखाने वाला विद्यालय ना तो आज तक खुला है न कभी खुलेगा।
समझ में सुधार करने से दो उद्देश्य पूरे होते हैं: पहला, अपना ज्ञान बढ़ाना; दूसरा, हमें उस ज्ञान को दूसरों तक पहुँचाने में सक्षम बनाना। - जॉन लॉक
मोहब्बत ने यू शिला दिया है मुझे जो मेरे हक में ना था वो दर्द भी दिया है मुझे
जल्दबाज़ी और गुस्से में किए गये कार्य सदैव दुखदायी होते है, क्रोध वो तुफान है जिसके थमने के बाद हुए नुकसान का पता चलता है…
यदि आप वर्तमान में स्थिति में नहीं हैं, तो आप अनिश्चितता की प्रतीक्षा कर सकते हैं या हंगामा के साथ बैठे हैं और दर्द और दु: ख में लौट रहे हैं।
विवेक प्रशिक्षण का परिणाम नहीं है, बल्कि इसे हासिल करने का आजीवन प्रयास है। - अल्बर्ट आइंस्टीन
ख़ुशी, शांति और प्रेम–ये कोई आध्यात्मिक लक्ष्य नहीं हैं। यह सब तो समझदारीपूर्वक जीने की शुरुआत है।