#Hindi Quote

मैं उस दरख्त की तरह हूं जिसके पत्ते रोज गिरकर जमीन पर बिखर जाते हैं, लेकिन वह हवाओं से अपना रिश्ता कभी नहीं बदलता।

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प्यार करना सीखिए फिर वो खुद से ही क्यों न हो। आजकल नफरत तो हर कोई करता है।
जिंदगी मिलती सबको एक सी है बस इसे जीने के तरीके अलग होते हैं।
एक पतंग की तरह उड़ना सीखो, जो उड़ती तो आजाद है लेकिन संस्कारों की डोरी साथ लेकर।
मुश्किलों में कोई साथ न दे तो मायूस न होना इस जिंदगी में खुद से बढ़कर कोई हमराही नहीं।
सभी की खुशियों का ख्याल रखते-रखते हम बड़े हो जाते हैं फिर एक दिन अचानक ही अपनी खुशी गायब हम पाते हैं।
मैं गलत हो सकता सकती हूं, लेकिन नकारा नहीं। खराब घड़ी भी दिन में एक बार सही समय बताती है।
भरोसा भी बड़ी अजीब चीज है। खुद पर करो तो यह आपकी सबसे बड़ी ताकत है और दूसरों पर करो तो यही आपकी सबसे बड़ी कमजोरी भी है।
सूरज और चांद की ख्वाहिश नहीं मुझे जहां दिल को सुकून मिले वहीं मेरे खुदा का दर है।
कहते हैं कि दूसरों से हमें एक नजर में भी प्यार हो जाता है। फिर खुद से प्यार का हुनर सीखने में पूरी उम्र क्यों लग जाती है
मैं उस दरख्त की तरह हूं, जिसके पत्ते रोज गिरकर जमीन पर बिखर जाते हैं, लेकिन वह हवाओं से अपना रिश्ता कभी नहीं बदलता।