#Hindi Quote
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जो इंसान सही और गलत, पसंद और नापसंद के दायरे में ही फंसा हुआ है, वह प्रेम के तानेबाने को कभी नहीं जान पाएगा।
प्रेम कोई ऐसी चीज नहीं हैए जो आप करते हैंए बल्कि जो आप स्वयं हैं।
मोहब्बत थी इसलिए जाने दिया जिद होती तो पलंग पर होती और पलंग चू चू कर रही होती.
प्रेम एक समाहित करने की प्रक्रिया है। जब एक बार आपको मैं अपने एक अंश के रूप में शामिल कर लेता हूं, मैं आपके साथ वैसा ही होऊंगा, जैसा मैं खुद के साथ हूं। - सद्गुरु
अपने प्यार को बड़ा बनाइये। केवल एक ही व्यक्ति से प्यार क्यों करें, जब आप सारे ब्रह्मांड के साथ प्यार कर सकते हैं?
ईश्वर या कोई और आपसे प्यार करता है या नहीं, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आपका स्वयं का प्रेमपूर्ण होना ही आपके जीवन को सुखद व मीठा बनाता है।
प्रेम का झरना अनवरत बहता है, उसकी धारा में बहकर देखो कितनी खुशियां मिलतीं हैं। प्यार के सागर में डूबोगे तो मनचाहा पाओगे।
ज्यादातर लोगों के लिए, प्रेम का मतलब होता है, ‘तुम्हें वही करना चाहिए, जो मैं चाहता हूं।’ नहीं, प्रेम का असली मतलब है कि वे जो चाहें कर सकते हैं, और हम फिर भी उन्हें प्रेम करते हैं।
भाइयों में प्रेम होने से टेंशन खत्म हो जाती हैं।
प्रेम करने की, दूसरों तक पहुँचने और जीवन को अनुभव करने की आपकी क्षमता की कोई सीमा नहीं है। सीमाएं सिर्फ शरीर और मन के काम करने की होती हैं।