#Hindi Quote

पहले पड़ती थी बहुत सी बातों पर फर्क, अब किसी बात पर नहीं पड़ती।

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कोई काम शुरू करने से पहले स्वयं से तीन प्रश्न कीजिए मैं यह क्यों कर रहा हूं इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल होगा और जब गहराई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जाए तभी आगे बढ़े – चाणक्य
ज़रा संभाल कर रखा कीजिए अपने ज़ख्मों को, आज कल लोग मरहम और महरूम में फ़र्क़ नहीं करते
इतना काम करिये की काम भी आप का काम देखकर थक जाय।
हुनर तो सब में होता हैं फर्क बस इतना होता हैं किसी का छिप जाता हैं तो किसी का छप जाता हैं
किसी चीज़ को मजेदार तरीके से सीखना उसे रटने से बेहतर होता है।
हर आदमी के अपने गुप्त दुख होते हैं जिन्हें दुनिया नहीं जानती; और कई बार हम किसी आदमी को कठोर समझते हैं जब वह केवल उदास होता है।
हुनर तो सब में होता हैं फर्क बस इतना होता हैं किसी का छिप जाता हैं तो किसी का छप
कोशिश करना न छोड़े, गुच्छे की आखिरी चाबी भी ताला खोल सकती हैं
मिली थी जिंदगी किसी के काम आने के लिए, पर वक़्त बीत रहा है कागज के टुकड़े कमाने के लिए।
जो आप नहीं कर सकते, उसे आप जो कर सकते हैं उसमें हस्तक्षेप न करने दें। – जॉन वुडन