#Hindi Quote

ये दिन भी क़यामत की तरह गुज़रा है न जाने क्या बात थी हर बात पर रोना आया

Facebook
Twitter
More Quotes
चाकू की धार से अधिक मोटा कुछ भी खुशी को उदासी से अलग नहीं कर सकता। – Virginia Woolf
ज़िन्दगी की हक़ीक़त को बस इतना ही जाना है , दर्द में अकेले हैं खुशियों में ज़माना है
नाज़ुक लगते थे जो लोग, वास्ता पड़ा तो पत्थर के निकले
गुरुर किस बात का साहब, आज मिट्टी के उपर, तो कल मिट्टी के निचे
जो आपके सबसे करीब होता है, वही आपको सबसे ज्यादा दुःख देने का सोचता है।
आंसू किसी और के दुख को समझता नहीं है, और न ही किसी की खुशी को। - Franz Schubert
न जाने किस दरबार का चिराग़ हूँ मैं , जिसका दिल करता है जलाकर छोड़ देता है
कुछ यादों को आप कभी नहीं छोड़ना चाहते, चाहें उसके लिए आपको कितनी ही पीड़ा क्यों न सहनी पड़े.
जो लोग छोटी सी बात पर भी अपनी आँखों के नीर को नहीं रोक पाते, वास्तव में वह लोग दिल के बड़े सच्चे होते हैं|
जिस बात से डर लगता हो, उस क्षेत्र में अपना ज्ञान बढ़ाना आरंभ कर दें, डर भाग जाएगा, डर सदैव अज्ञानता से उपजता है !